मधुमेह क्या है? मधुमेह कितने प्रकार की होती है? मधुमेह के लक्षण क्या है? मधुमेह का टेस्ट कौन-कौन से हैं?, मधुमेह का निदान कौन-कौन सी हैं? मधुमेह के दवाई कितने प्रकार की हैं? मधुमेह का घरेलू इलाज कौन-कौन से हैं?
मधुमेह क्या है-शरीर को अपनी गतिविधियों के लिए आवश्यक ऊर्जा भोजन में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट, protein और फैट के माध्यम से मिलती है। इसमें भी ग्लूकोज या सरकारा मुख्य हैं जो कार्बोहाइड्रेट का एक प्रमुख अवयव है। भोजन में उपस्थित स्टार्च फूल जैसे आलू, चावल, चीनी,मीठे पदार्थ, दूध या दूध से बनी वस्तुएं और फल यह इस ग्लूकोस के प्रमुख साधन है। इन से बढ़ने वाली शुगर जब रक्त (blood) मैं पहुंचती है। रक्त उसको शरीर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने का कार्य करती है। रक्त में ग्लूकोज के स्तर बढ़ने पर पेनक्रियाज इंसुलिन का सेक्रेशन करता है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों को या विभिन्न कोशिकाओं को इस ग्लूकोस को यूज इस्तेमाल करने में मदद करती है। वास्तव में ग्लूकोज इस्तेमाल करने के लिए इंसुलिन एक चाबी की तरह काम करता है जिस की उपस्थिति में ही ग्लूकोज शरीर के विभिन्न कोशिकाओं के अंदर प्रवेश करती है। जिस प्रकार इंसुलिन एक चाबी की तरह उस द्वार को खोलता है जिससे ग्लूकोस एक सेल के अंदर प्रवेश करता है। भोजन ना मिलने की अवस्था में लीवर अपने अंदर संग्रहित फैट या ग्लूको जन को ग्लूकोज में परिवर्तित करके रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य बनाएं रखने में मदद करता है। जिससे भोजन ना रहने या खाने पर भी मांसपेशियों को ग्लूकोज का पर्याप्त मात्रा पहुंचती रहे इस प्रकार रक्त में ग्लूकोज का मात्रा एक सामान्य अस्तर या सीमा में ही ऊंचा नीचा होता रहता है। यह इंसुलिन कभी-कभी सामान्य रूप से ना बन जाने पर जब मात्रा से अधिक बन जाने पर ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है और इस स्थिति को हम डायबिटीज कहते हैं या मधुमेह कहते हैं।
मधुमेह तीन प्रकार की होती हैं 1. Type 1 diabetes (मधुमेह) 2. टाइप टू डायबिटीज1. Type 1 diabetes-इस प्रकार की डायबिटीज में पैंक्रियास इन्सुलिन बनने की क्षमता पूरी तरह से खो देती है जिसके कारण शरीर में इंसुलिन की मात्रा पूरी तरह से कम हो जाती है।यह बीमारी 10 परसेंट लोगों में ही पाया जाता है। 2. Type 2 diabetes-इस प्रकार की डायबिटीज में आपके शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति इतने अच्छे से प्रतिक्रिया नहीं दे पाती जितने अच्छे से देनी चाहिए। Pancreas बनती है लेकिन अच्छा इंसुलिन नहीं बना पाती है। यह 90% लोगों में पाया जाता है।

डायबिटीज के लक्षण-थकान ज्यादा लगना, सुस्ती महसूस होना, हमेशा भूख लगना, अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब होना और रात में ज्यादा पेशाब होना, त्वचा में संक्रमण होना, धुंधला दिखाई देना, अचानक शरीर का वजन कम होना, किसी किसी को वजन बढ़ जाना, सिर दर्द होना, चक्कर आना, शरीर में खुजली होना, जननांगों में खुजली होना, चिड़चिड़ापन होना, बार-बार मूड में बदलाव होना। 3. गर्भ कालीन डायबिटीज-इस प्रकार की डायबिटीज में या मधुमेह महिलाओं में पाया जाता है। जिसमें प्रेगनेंसी में महिलाओं के रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है ऐसा लगभग चार से पांच परसेंट गर्भ अवस्था में होता है। इसका प्रमुख कारण hormonal और उपापचय ही होता है
डायबिटीज के लक्षण-इसमें कोई भी लक्षण यह संकेत महसूस नहीं होती है गर्व कालीन डायबिटीज में इसीलिए स्क्रीनिंग टेस्ट कराना बहुत जरूरी होता है। कभी-कभी प्यास बहुत ज्यादा लगता है और बार-बार पेशाब करने का मन करता है इसके लक्षण संकेत करता है।
डायबिटीज का टेस्ट-1.फास्टिंग प्लाजमा ग्लूकोस टेस्ट-इस टेस्ट में पेशेंट को 8 घंटा भूखा रहना पड़ता है।2. 2 अवर्स प्लाजमा ग्लूकोस टेस्ट-इस टेस्ट को 2 घंटा भूखा रहने पर ही किया जाता है। 3.Randos plasma glucose test-इस टेस्ट को किसी भी टाइम किया जा सकता है। 4.HBA1c Test-इसमें 3 महीना के अंदर अगर पेशेंट को डायबिटीज हुआ हो 3 महीना पहले उसका पता चल जाता है। 5.OGTT-इसमें100% पता चल जाता है कि व्यक्ति को डायबिटीज है या नहीं।
डायबिटीज का निदान-type1 डायबिटीज से ग्रसित व्यक्ति को नियमित रूप से इंसुलिन लेना आवश्यक पड़ता है। टाइप टू डायबिटीज से ग्रसित व्यक्ति को भी इंसुलिन लेने के आवश्यकता होती है परंतु नियमित लेना जरूरी नहीं है
डायबिटीज की दवाइयां-metformin, sulfaniruliyus,meglitinoidas,SGLT-2 Enhibiters,GLP-1 Receptor Egonitous
जीवन शैली में बदलाव-स्वस्थ आहार, शारीरिक गतिविधियां, तनाव ना ले, अपने पांव को रोजाना हल्के गुनगुने पानी से धोए, शराब ना पिए, धूम्रपान से दूर रहें।
डायबिटीज का घरेलू इलाज-मधुमेह के नए या पुराने लोगों को मीठे शुगर वाले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इस रोग में धीरे-धीरे पैदल चलना तथा प्रातः कालीन सर अवश्य करनी चाहिए। 1. जामुन की गुठली 4 तोला, गुड़मार बूटी 10 तोला ,souph 4 तोला इन सभी को मिलाकर पीसकर पानी के साथ खाएं। इन्हें दिन में 3 बार पानी के साथ सेवन करते रहने से डायबिटीज करो जल्द ही दूर हो जाता है। 2. जामुन के चार हरे और नरम पत्ते खूब बारिक कर 60 ग्राम पानी में रगड़ मिलाकर पीसकर छानकर सुबह 10 दिन तक लगातार पिए। इसके बाद इससे हर 2 महीने बाद 10 दिन तक पिए। मधुमेह दूर करने की यह अति उत्तम औषधि है। 3. रोग की प्रारंभिक अवस्था में जामुन के चार पत्ते सुबह और शाम चबाकर खाने से दो से 3 दिन के अंदर ही मधुमेह में लाभ होगा। 4. अच्छे पके हुए 60 ग्राम जामुन को 300 ग्राम उबलते हुए पानी में डालकर उबालने उसके बाद आधा घंटे बाद मसलकर छान लें। इसके तीन भाग करके एक एक मात्रा दिन में 3 बार पीने से रोगों के मूत्र में शर्करा बहुत कम हो जाती है। नियमित रूप से कुछ समय तक सेवन करते रहने से वह भी बिल्कुल ठीक हो जाता है।4. करेला का सेवन से मधुमेह में लाभदायक होता है। 5. जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीसकर उनका चूर्ण बना लें स्टॉप दो चम्मच सुबह पानी के साथ सेवन करें। लगातार 21 दिन तक करने से मधुमेह के रोगी को लाभ होता है। 6. मेथीदाना 6 ग्राम लेकर थोड़ा कूट लें और शाम को पानी में भिगो दें। सुबह इसे पिए और इसमें बिल्कुल भी मीठा ना मिलाए। लगातार दो महीना तक सेवन करने से डायबिटीज नाम का रोग दूर हो जाता है।
