गैस-आजकल हर व्यक्ति को गैस की समस्या होती है अगर किसी व्यक्ति की ज्यादा उम्र हो जाए तो उसको गैस की समस्या सबसे ज्यादा होती हैं आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया या जिंदगी में हर एक सौ में से 90 परसेंट लोगों को गैस की समस्या की सामना करना पड़ता है। गैस एक बहुत बड़ी बीमारी नहीं है यह तो बस एक पेट की नेचुरल समस्या है इसी गैस की वजह से हम बहुत सारी दवाइयों का सेवन करना शुरू कर देते हैं और इसके वजह से हमारे शरीर में बहुत सी दवाइयों के दुष्प्रभाव होती है और हमारे शरीर में दर्द होने लगते हैं तो हम आज जानते हैं कि गैस कैसे बनती है गैस हमारे शरीर में बहुत सारे डिफरेंट सोर्स से आते हैं या होते हैं जिसमें से तीन सोर्स है जो इस प्रकार है 1. सांस के द्वारा-हमारे सास के द्वारा पेट में भोजन के एसिड के मिलने के वजह से गैस का बनना शुरू हो जाता है और हमारे लार्ज इंटेस्टाइन में बैक्टीरिया के कारण गैस का बनना शुरू होता है। तो इन सबको हम एक-एक करके जानेंगे जब हम मुंह से सांस लेते हैं खासतौर से जब हम पानी पीते हैं और जब हम बोलते हैं तो उस समय हमारे मुंह से गैस अंदर की ओर प्रवेश करता है या शरीर इन्हेल करता है या गैस खाना और पानी के द्वारा सीधे हमारे पेट में प्रवेश करता है और इस प्रकार से गैस सीधे हमारे भोजन और पानी के साथ मिलकर पेट में भी चली जाती है और पेट में बनने वाली गैस मुख्यता पांच प्रकार की होती है-. ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, मिथेन. नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हमारे साथ के जरिए हमारे पेट में आते हैं यानी प्रवेश करता है। कार्बन डाइऑक्साइड हमारे पेट में हमारे खून के डिफ्यूजन के कारण हमारे पेट में आता है। हाइड्रोजन भोजन और पानी के कारण पाचन से पेट में आता है और मिथुन हमारे शरीर के बैक्टीरिया और भोजन को खाने के कारण बनता है और एक गैस है जो हमारे गैस में बदबू लाने का काम करता है एक परसेंट है। सल्फर रिच गैस जब भी हम भोजन करते हैं तो पहले वह हमारे शरीर के अमाशय में जाता है और वही पर हमारे शरीर का acid से मिलकर हमारे पेट का भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में करता है उसी समय पेट से गैस निकलता है या निकलना शुरू करता है जो मुंह से डकार के द्वारा हमारे शरीर से बाहर निकलता है और डकार की वजह से अगर गैस हमारे शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है तो यह भोजन के साथ ही छोटी आत में पास हो जाता है परंतु पेट में बनने वाली गैस बहुत कम होती है जैसे ही यह भोजन हमारे छोटी आत में पास होती है छोटी आंत में बायो ली जूस और पेनक्रिएटिक जूस इस भोजन के साथ मिलकर भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ना शुरू कर देते हैं। जैसे-protein=AminoAcid,Fat=fatty acid लेकिन जब यह कार्बोहाइड्रेट को बचाने की कोशिश करते हैं तो यह कार्बोहाइड्रेट के कुछ पार्टिकल्स छोटी आंत में पूरी तरीके से पाचन नहीं हो पाती है इसलिए यह तेजी से कार्बोहाइड्रेट पानी के साथ ही बड़ी आंत में चला जाता है और बड़ी आंत में जाने के साथ ही हमारे पेट में गैस बनने का असली प्रक्रिया शुरू हो जाता है हमारे बड़ी आंत में कुछ बैक्टीरिया होती है जोकि हमारे हेल्थ के लिए बहुत आवश्यक होती है इन्हें हमारे शरीर में गुड बैक्टीरिया के नाम से जाना जाता है यह बैक्टीरिया छोटी आंत में बड़ी आंत में कार्बोहाइड्रेट आते हैं इस कार्बोहाइड्रेट को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटना शुरू करता है ताकि यह बड़ी आंत अच्छे से मिल जाए और शरीर को हमारे भोजन पूरी तरीके से पोषण मिल सके।

गैस का लक्षण-1. पेट फूलना 2. पेट पूरी तरह से साफ नहीं होना। 3. पेट में हल्का दर्द होना। 4. पेट में चुभन वाली दर्द होना। 5. कभी-कभी उल्टी होना 6. हमेशा सिर दर्द होना 7. आलसी लगना इत्यादि।
गैस का घरेलू इलाज-1. पेट में गैस बनने की अवस्था में भोजन के बाद 2 ग्राम अजवाइन और 2 ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से गैस बनना खत्म हो जाती है। 2. एक लहसुन की कली छीलकर मुनक्का के चार पीस भोजन के बाद चबाकर खाने से पेट में रुकी हुई गैस तत्काल निकल जाएगी। 3. अलसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है। 4. अजवायन 2 ग्राम नमक आधा ग्राम मिलाकर चबाकर खाने से पेट दर्द या गैस ठीक होगा। 5. पानी के साथ हिंग्वाष्टक चूर्ण खाने से सभी प्रकार का गैस दूर हो जाता है। 6. पेट सफा चूर्ण को रात में एक चम्मच खाने के बाद एक गिलास पानी पीकर सोए सुबह गैस दूर हो जाएगी
