अनार (Pomegranate in hindi): उपयोग, साइड इफेक्ट और निम्नलिखित जानकारी।

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परिचय:

अनार (पोमेग्रेनेट) का वैज्ञानिक नाम प्यूनिका ग्रेनेटम है और यह लिथ्रेसी परिवार से संबंधित है। अनार (पोमेग्रेनेट) का पेड़ सबसे पहले उत्तरी अफ्रीका में उत्पन्न हुआ था और दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में बड़ी मात्रा में पाया जाता है। अनार (पोमेग्रेनेट) नाम लैटिन शब्द पोमम (जिसका अर्थ है सेब) और ग्रेनाटस (जिसका अर्थ है बीजों से भरपूर) से आया हैअनार विश्व के गर्म देशों में पाया जाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह एक महत्त्वपूर्ण फल है। भारत में अनार के पेड़ अधिकतर महाराष्ट्रराजस्थानउत्तर प्रदेशहरियाणाआंध्र प्रदेशकर्नाटकतमिलनाडु और गुजरात में पाए जाते हैं। सबसे पहले अनार के बारे में रोमन भाषियों ने पता लगाया था। रोम के निवासी अनार को ज्यादा बीज वाला सेब कहते थे। भारत में अनार को कई नामों में जाना जाता है। बांग्ला भाषा में अनार को बेदाना कहते हैं, हिन्दी में अनार व दाड़िम, संस्कृत में दाडिम और तमिल में मादुलई कहा जाता है। अनार के पेड़ सुंदर व छोटे आकार के होते हैं। इस पेड़ पर फल आने से पहले लाल रंग का बड़ा फूल लगता है, जो हरी पत्तियों के साथ बहुत ही सुन्दर दिखता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह फल लगभग ३००० वर्ष पुराना है।

पोषक तत्वों से भरपूर – Nutrition Value of Pomegranate in Hindi

Pomegranate Nutrition in Hindi

अनार के अंदर छोटे गुलाबी बीज, जिन्हें एरिल्स कहा जाता है, फल के खाने योग्य भाग होते हैं। जबकि वे फल के आंतरिक मांस से निकालने के लिए श्रम-केंद्रित हो सकते हैं, उनके पोषण संबंधी प्रोफ़ाइल और स्वाद निवेश के लायक हैं।

कुल मिलाकर, अनार कैलोरी और वसा में कम होते हैं लेकिन फाइबर, विटामिन और खनिजों में उच्च होते हैं। इनमें कुछ प्रोटीन भी होता है।

एक औसत (282-ग्राम) अनार के फल में मस्सों का पोषण नीचे दिया गया है ।कैलोरी234प्रोटीन4.7 ग्रामवसा 3.3 ग्रामकार्बोहाइड्रेट52 ग्रामचीनी38.6 ग्रामफाइबर11.3 ग्रामकैल्शियम28.2 मिलीग्राम, या दैनिक मूल्य का 2% (डीवी)आयरन0.85 मिलीग्राम, या डीवी का 5%मैग्नीशियम33.8 मिलीग्राम, या डीवी का 8%फास्फोरस102 मिलीग्राम, या डीवी का 8%पोटेशियम666 मिलीग्राम, या डीवी . का 13%विटामिन सी28.8 मिलीग्राम, या डीवी का 32%फोलेट (विटामिन बी9)107 एमसीजी, या डीवी का 27%

अनार (पोमेग्रेनेट) के गुण :

अनार (पोमेग्रेनेट) में नीचे बताए गए गुण हो सकते हैं:

  • यह एक एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम कर सकता है
  • यह एक एंटी-प्रोलिफेरेटिव हो सकता है (शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने को रोकता है)
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हो सकते हैं
  • यह एंटी-माइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) एजेंट के तौर पर काम कर सकता है
  • यह एंटी-एस्ट्रोजेनिक (जो शरीर में एस्ट्रोजेन फीमेल हार्मोन के प्रभाव का मुकाबला करता है) हो सकता है
  • इसमें कैंसर रोधी क्षमता हो सकती है
  • इसमें एंटी-एथेरोजेनिक (जो ब्लड वेसल (रक्त वाहिकाओं) में फैट जमा होने से रोकता है) गुण हो सकता है
  • इसमें एंटीवायरल गुण हो सकता है
  • यह एंटी-ड

यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा अनार का सेवन करने की सलाह देते हैं। एक अनार में सौ बीमार करने वाली चीजों को ठीक करने का हुनर है और यही वजह है कि आपने हिंदी का वो मुहावरा सुना होगा जिसमें कहा जाता है ‘एक अनार, सौ बीमार’।

अनार का उपयोग:

1. एनीमिया से राहत पाने में

एनिमिया से पीड़ित लोगों को अनार का सेवन करने की सलाह दी जाती है. अनार का नियमित सेवन शरीर में न केवल आयरन की कमी को पूरा कर सकता है बल्कि उसके साथ रेड ब्लड सेल्स को भी बढ़ाने का काम कर सकता है. अनार के नियमित सेवन से रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है, जिसके परिणामस्वरूप ब्लड फ्लो भी बेहतर हो सकता है.

2.पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

अनार में फाइबर व अन्य जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो अच्छे पाचन तंत्र के लिए जरूरी हैं। अगर अनार का सेवन तय मात्रा में किया जाए, तो कब्ज जैसी समस्या से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, अनार में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में आई समस्या को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट मानव शरीर में पाचन तंत्र का अहम हिस्सा है। साथ ही अनार में एंटी-हेलिकोबैक्टर पाइलोरी प्रभाव पाया जाता है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो पेट में पाया जाता है। यह पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है (6) (7)। इन तमाम वैज्ञानिक प्रमाण के बावजूद पाचन तंत्र के संबंध में अनार के गुण पर और शोध किए जाने की जरूरत है।

3. दिमाग को तेज करने में असरदार

अनार के नियमित सेवन से आपका दिमाग तेज हो सकता है. अल्जाइमर यानि भूलने की बीमारी में याददाश्त को बढ़ाने में भी अनार का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है.

4. गर्भवती महिलाओं के लिए लाभदायक

अनार में पाए जाने वाले मिनरल्स, विटामिन, फ्लोरिक एसिड गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. अनार में पोटेशियम की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो प्रसव के दौरान दर्द को कम करने में मदद कर सकती है.

कोलेस्ट्रोल के लिए-शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने के लिए अनार का सेवन फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अनार फाइबर, विटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल क

अनार का इस्तेमाल कैसे करें?

अनार का सेवन सुबह करें तो लंच के बाद बेहतर सेहत के लिए खाएं केला

अनार का सेवन सुबह करें तो लंच के बाद बेहतर सेहत के लिए खाएं केला

पानीपत | फल खाने में टेस्टी होने के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इनको सही समय पर खाने से ही ज्यादा फायदा मिलता है। इसलिए आज हम आपको फल खाने का सही समय बताएंगे। अनार को सुबह खाना चाहिए। सुबह खाने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है। पपीते को सुबह नाश्ते के बाद और दोपहर को लंच से पहले खाएं। जो लोग दुबले-पतले हैं उनको पपीता खाना खाने के बाद ही खाना चाहिए। संतरे को खाली पेट नहीं खाना चाहिए। इससे गैस की बनने लगती हैं। दोपहर 4 बजे के बाद संतरा खाना अच्छा होता है। खट्टे-मीठे अंगूर शरीर में पानी के संतुलन को ठीक रखते हैं। इसलिए इनको खाली पेट खाने से लाभ मिलता है। केला खाली पेट या रात को सोने से पहले खाने से पेट में गैस, अपच की समस्या होने लगती है। इसलिए कभी भूलकर भी केला सुबह और रात को ना खाएं। दोपहर के लंच के बाद केला खाने से शरीर को हमेशा फायदा पहुंचता है। आम को कभी भी खाया जा सकता है। मगर भोजन से 1 घंटा पहले या बाद में इसका सेवन करें तो बेहतर होगा। मौसमी को खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसको धूप में जाने से पहले और बाहर से आने के बाद खाना चाहिए। यह पानी की कमी दूर करती है और डिहाइड्रेशन की परेशानी से निजात दिलाती है।

अनार के सेवन के नुकसान(Side Effects Of Eating Too Many Pomegranate): अनार सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, पोटेशियम, विटामिन सी और फाइबर आदि पाए जाते हैं। अनार खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है और कमजोरी भी दूर होती है। अधिकतर लोगों को अनार काफी पसंद होता है। अनार स्वादिष्ट होने के साथ शरीर की कई परेशानियों को भी आसानी से दूर करता हैं। लेकिन क्या आप ये जानते है कि ज्यादा अनार खाने से शरीर को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा अनार का सेवन फायदे के बजाए शरीर को कई तरह के नुकसान भी दें सकता हैं। आइए जानते हैं ज्यादा अनार खाने के नुकसान।

1. खांसीः

खांसी की समस्या होने पर अनार का सेवन ना करें. अगर आपको खांसी है और आपने अनार का सेवन किया तो संक्रमण और बढ़ सकता है. खांसी में अनार का सेवन फायदा की जगह नुकसान पहुंचा सकता है.

2. पाचनः

जिन लोगों को पाचन एसिडिटी की समस्या है उन्हें अनार का सेवन नहीं करना चाहिए. अनार की तासीर ठंडी होती है, जिससे खाना सही से पच नहीं पाता और पाचन, एसिडिटी की समस्या हो सकती है.

3. स्किनः

अगर आपको स्किन से संबंधित कोई भी परेशानी है तो अनार का सेवन करने से बचें. क्योंकि अनार का सेवन करने से आपकी स्किन पर लाल चकत्ते पड़ सकते हैं. कुछ लोगों को अनार खाने से एलर्जी की समस्या हो सकती है.

4. लो ब्लड प्रेशरः

अगर आप लो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो आप अनार का सेवन न करें, इससे आपकी समस्या और बढ़ सकती है. लो ब्लड प्रेशर में अनार का सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

अनार का इस्तेमाल करते समय सावधानियां:स्तनपान के दौरान अनार के जूस का सेवन करना सुरक्षित है। हालाँकि अनार के अन्य रूपों, जैसे कि अनार का अर्क, के उपयोग की सुरक्षा के बारे में पर्याप्त विश्वसनीय जानकारी नहीं है। इसलिए स्तनपान के दौरान केवल जूस पीने की सलाह दी जाती है।

अनार का अन्य दवाइयों के साथ इंटरेक्शन

अनार कुछ दवाओं के साथ परस्पर क्रिया कर सकता है और अवांछनीय दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं (सुनिश्चित करें कि आप अपने डॉक्टर से दोबारा जांच कर लें):

  • लीवर द्वारा दवाएं बदल दी गईं और टूट गईं, जैसे एमिट्रिप्टिलाइन (एलाविल), डेसिप्रामाइन (नॉरप्रैमिन), फ्लुओक्सेटीन (प्रोज़ैक), ऑनडेंसट्रॉन (ज़ोफ्रान), ट्रामाडोल (अल्ट्राम), रोसुवास्टेटिन (क्रेस्टर), आदि (2 ) ।
  • उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं, जैसे एसीई इनहिबिटर (कैपोटेन, वासोटेक, प्रिनिविल, अल्टेस, ज़ेस्ट्रिल, आदि) और एंटीहाइपरटेंसिव दवाएं (डियोवन, कोज़ार, कार्डिज़ेम, लासिक्स, आदि)। जूस रक्तचाप को बहुत अधिक कम कर सकता है, खासकर यदि कोई व्यक्ति उच्चरक्तचापरोधी दवाओं का सेवन कर रहा हो 

अनार का घरेलू उपयोग:

दांत मजबूत- अनार के फूल छाया में सुखाकर बारीक करके पाउडर बना लें और कोलगेट के साथ मिलाकर ब्रश करने से दांत से खून बहना बंद हो जाती है।

पीलिया:

मीठे अनार के दानों का रस 50 ग्राम लोहे के बर्तन करके छत पर रख दें। सुबह थोड़ी कुंजा मिश्री मिलाकर 20 या 25 दिन पिलाएं। पीलिया पूरी तरह से ठीक हो जाएगा परंतु इसे उपयोग में लाने के दौरान खट्टे पदार्थों से दूर रहना पड़ेगा।

खांसी:

मीठे अनार का छिलका 20 ग्राम नमक लाहोरी 3 ग्राम बारिक करके पानी में एक या दो ग्राम की गोलियां बनाएं। दिन में 3:00 बार दो-दो गोली चूसे। खटाई का परहेज करें। 6 ग्राम अनार का छिलका थोड़े दूध में मिलाकर उबालकर पीने से काली खांसी को आराम मिलता है।

पेशाब के लिए:

अनार का छिलका बारी करके 4 ग्राम ताजे पानी के साथ दिन में 2 बार खाने से मसाने की गर्मी और पेशाब का बार बार जाना ठीक होता है। 10 दिन खाएं। परहेज – चावल ना खाएं।

स्वप्न दोस्त:

कंधारी अनार का छिलका बारी करके 3 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ खाने से स्वपनदोष ठीक होता है। 10 दिन खाएं। खटाई का परहेज करें। रात को दूध ना पिए।

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